भारत में ब्लैक फ्राइडे सेल शुरू: iPhone 15, Dyson V12 वैक्यूम क्लीनर और अन्य पर बड़ी छूट

चित्र
 भारत में भी ब्लैक फ्राइडे सेल शुरू हो गई है और कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कुछ लोकप्रिय उत्पादों पर बड़ी छूट दे रहे हैं। इनमें iPhone 15, Dyson V12 वैक्यूम क्लीनर, AirPods Pro, Samsung Galaxy S23, Sony 4K TV और बहुत कुछ शामिल हैं। भारत में भी ब्लैक फ्राइडे सेल शुरू हो गई है और कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कुछ लोकप्रिय उत्पादों पर बड़ी छूट दे रहे हैं। इनमें iPhone 15, Dyson V12 वैक्यूम क्लीनर, AirPods Pro, Samsung Galaxy S23, Sony 4K TV और बहुत कुछ शामिल हैं। यदि आप पिछली दिवाली बिक्री घटनाओं से चूक गए हैं, तो आप नीचे इलेक्ट्रॉनिक्स पर कुछ सर्वोत्तम सौदे देख सकते हैं। iPhone 15 को हाल ही में भारत में लॉन्च किया गया था और लॉन्च के कुछ महीनों बाद ही इस फ्लैगशिप फोन पर कई प्लेटफॉर्म पर छूट मिलनी शुरू हो गई है। क्रोमा पर iPhone 15 पर 8,000 रुपये तक का डिस्काउंट ऑफर मिला है। यहां 3,000 रुपये का फ्लैट डिस्काउंट ऑफर है, जो क्रोमा पर चेकआउट पेज पर जाने पर दिखाई देता है। प्लेटफ़ॉर्म स्वचालित रूप से कीमत को 79,900 रुपये की मूल कीमत से घटाकर 76,900 रुपये कर देता है। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक क्रेडिट कार...

Anmol jeevan अनमोल जीवन



जब जीवन गमों की अंधेरी रात से गिर जाता है तब तकदीर पर भरोसा करने वाले लोग हाथ पर हाथ रखकर सुखों का इंतजार करते हैं मगर कुछ साहसी लोग जी ने अपने कर्म पर पूरा भरोसा होता है अपने प्रयासों का मशाल जलाते हैं और चारों तरफ सुख का उजाला भर देते हैं

 Suces story उमेश कुमार चौरसिया की 

उमेश कुमार चौरसिया की भी गिनती है एक ऐसे शख्स के रूप में होती है जिन्होंने अपनी जिंदगी का मुश्किल घड़ी में समझदारी भरी राह निकाली उस पर आगे बढ़ कर अपने जीवन को कामयाब बनाया। उमेश कुमार चौरसिया बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले इनके पिता एक सरकारी नौकरी किया करते थे पर 17 लोगों का विशाल परिवार होने की वजह से लोगों की जरूरतें पूरी नहीं कर पाते थे। हालात ऐसे ही रास्ते के ऊपर  उबड़ खाबड़ से वक्त का कारवां आगे बढ़ता रहा घर के कुछ आर्थिक हालात सुधरे तो उमेश कुमार चौरसिया को यकीन होने लगा अब अपना भी सपना पूरा कर 1 दिन बड़ा आदमी जरूर बनेंगे दरअसल इनके बड़े भाई लोगों को विदेश में नौकरी दिलवाने की एक एजेंसी खोली थी जिससे इन्हें कमीशन के रूप में अच्छी आमदनी होती थी घर में ज्यादा पैसे आने लग गए थे उनके घर से दुखों का अंधेरी रात सुखो की सुहानी सुबह में तब्दील होने शुरू हो गई।
उमेश कुमार पढ़ने लिखने में तेज थे। इसलिए इन्होंने अपना पढ़ाई में मन लगाना शुरू कर दिया उन्हें क्या पता था कि इनके घर आए सुख के दिन में दुर्भाग्य की टकटभरी निगाहें लगी हैं अचानक हवा के झोंके की तरह दुर्भाग्य को प्रवेश किया। पल भर में सब कुछ बदल गया।
बात यह थी कि इनके भाई जिस एजेंसी के जरिए लोगों को कानूनी रूप से लोगों को भेजकर नौकरी दिलवा रहे थे। वह एजेंसी अचानक एक मुसीबत का शिकार बन गई खाना कैसे हुए कि इनके द्वारा विदेश भेजे गए 7 लोग वापस आ गए इनको नौकरी नहीं मिली और वह लोग अपने पैसे मांगने लगे बिजनेस विश्वास की डोर पर कायम होता है इसलिए इनके भाई ने उन लोगों को पैसे वापस लौटाने का फैसला किया। लोगों के कई लाख रुपए लौटाने थे इसके लिए इनके भाई के ऊपर बहुत ज्यादा अधिक दबाव आ गया। पैसे लौटाने के लिए अपनी जमा पूंजी लुटाई ही पिताजी की भी फिक्स डिपाजिट तुड़वाने पड़  गई। इसके साथ ही परिवार के ऊपर बहुत सारे पैसे कर्ज के रूप में चढ़ गए जिसका ब्याज भी बहुत सारा था प्रास्थिति कुछ इस तरह से खराब हो गई कि जिनका भाई लोगों को विदेश भेजकर नौकरी लगवा था इसे खुद नौकरी करने के लिए विदेश जाने को मजबूर होना पड़ा। सिराइम इस मुसीबत से पूरा घर परेशान होने लग गया इसका असर उमेश कुमार चौरसिया पर भी पड़ना चालू हो गया यह तब तक अपनी एजुकेशन पूरी कर चुके थे उन्होंने यह फैसला कर लिया था कि इस मुसीबत घड़ी में घर को आर्थिक सहायता देने के लिए यह भी कोई नौकरी करेंगे तूने जहां भी नौकरी की संभावना दिखती या वहां जाते हो और काम पाने की कोशिश करते थे।यह सभी अपने दोस्तों जान पहचान के लोगों से बोलना स्टार्ट कर दिया कि मेरे लिए भी कोई जॉब ढूंढ कर रखना कई दिन गुजर गए कोई जॉब नहीं मिली परेशानियां बढ़ती जा रही थी 1 दिन में अचानक पता चला इनके स्कूल के समय का दोस्त रिंकू कुमार बैटा कोई बिजनेस करके 40 से ₹50 हजार महीने का कमा रहे है। उस समय 40 ₹50 हजार कमाना बहुत बड़ी बात हुआ करती थी। क्या पता लगते ही उमेश कुमार चौरसिया की उम्मीद हरी-भरी होने लग गई भीतर ही भीतर उम्मीद होने लगी थी अगर इनका दोस्त किसी लायक बन गया। तो उनके लिए भी कोई न कोई प्रयास जरूर करे। तो  हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उन्हें बस इन्हें फिकर थी तो केवल एक बात की। वह बात यह थी। उमेश कुमार चौरसिया काम के तलाश के दौरान कई डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के बारे में। बहुत निगेटिव बाते सुन चुके थे। उन्हें डर था कि अगर उन्हें उन नेगेटिव बातों की तरह इस बिजनेस मे कुछ खट्टा अनुभव मिल गया तो उनकी जिंदगी तबाह हो जाएगी। क्योंकि इनके खास मित्र ने कंपनी के बिजनेस के बारे में सकारात्मक बातें कही थी। इसलिए इन्होंने फैसला कर लिया कि चाहे जो कुछ भी हो यह रिंकू कुमार बैठा की बात मानेंगे और उनके पास जाकर बिजनेस को अच्छी प्रकार से समझेंगे।
उमेश कुमार चौरसिया जब रिंकू कुमार बैठा के यहां गए रिंकू कुमार बैठा ने बहुत ही गर्मजोशी के साथ इनका स्वागत किया।
ग्लेज के कुछ सफल डिस्ट्रीब्यूटर के साथ उमेश कुमार चौरसिया कामयाबी का जसन मनाते हुए

रिंकू कुमार बैठा नहीं इनको एक फ्रेंचाइजी के दफ्तर में मैं ग्लेज का business presentation। लिखवाया बिजनेस प्रेजेंटेशन देखने के बाद उमेश कुमार चौरसिया बहुत ज्यादा प्रभावित हुए उमेश कुमार चौरसिया खुद बताते है कि जब यह नौकरी की तलाश कर रहे थे तब इनकी जान पहचान के लोगों ने दो तीन डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के बिजनेस प्रेजेंटेशन दिखाये थे मगर ग्लेज़ द्वारा प्रदान किए जाने वाले इस बिजनेस के अवसर से संबंधित प्रेजेंटेशन मैं जो बात कही थी वह और कंपनियों के बिजनेस में नहीं थी सबसे बड़ा सकारात्मक उदाहरण तो रिंकू कुमार बैठा थे। रिंकू कुमार बैठा इन से भी ज्यादा गरीब से संबंध रखते थे किन्तुआज उनकी चमकदार और खुशहाल जिंदगी उनके सामने थी।
उमेश कुमार चौरसिया बताते हैं कि बिजनेस शुरू करने के लिए मैंने विदेश में काम करने वाले भाई से बात और उनसे पैसे मंगा कर गैलवे रूपा बम गलवे कल्किम गैलवे श्रीगुनाम इत्यादि प्रोडक्ट गैलवे शॉप के लिए खरीद लिए।
डिस्ट्रीब्यूटर प्राइस पर खरीदा जिनकी में आसानी से रिटेल कर सकता था सबसे अच्छा बात वह थी। कि प्रोडक्ट को डिस्ट्रीब्यूटर प्राइस पर खरीदकर मैं उनका उपयोग करते हुए भी लाभ कमा सकता था। मैंने सबसे पहले गैलवे के प्रोडक्ट को अपने परिवार के साथ इस्तेमाल करना शुरू किया इनके गुणों के बारे में जाना।
उमेश कुमार चौरसिया ने इस प्रकार अपने बिजनेस जीवन की शुरुआत की कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनने के बाद इन्होंने बिजनेस के बारे में विस्तार से जानकारी और कुशलता प्राप्त करने के लिए एजुकेशन क्लास को अटेंड किया जिनके कारण इनके अंदर बिजनेस मैं सफलता को लेकर जो डर बैठा हुआ था वह दूर हो गया है इन्हें यह बात भी अच्छी प्रकार से समझ में आ गई बिजनेस को किस प्रकार से करके सफलता के मुकाम पर पहुंचा जा सकता है उन्हें यह बात भी समझ में आ चुकी थी। गैलवे बिजनेस संसार के सफलतम बिजनेस में से एक है फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित है जिसमें सफल लोगों की कॉपी करके अपनी मेहनत के दम पर सफलता पाई की जा सकती है। इन एजुकेशन क्लासेस के द्वारा अच्छी प्रकार से बताया गया कि अगर उन्हें ज्यादा कमाई करनी है।तो खुद की रिटेलिंग के साथ-साथ गैलवे सॉक्स की फ्रेंचाइजी दूसरे लोगों को भी देनी होगी। इनकी जितनी बड़ी गैलवे शॉप की टीम होगी। उतने ही ज्यादा पैसे उन्हें रिटेल मुनाफे और इंसेंटिव से प्राप्त होगा।

एजुकेशन क्लासेस से मिली जानकारियों के अनुसार उमेश कुमार चौरसिया ने रिटेलिंग की उनके हर कदम पर रिंकू कुमार बैठा साथ थे। उन्होंने उमेश को खुद अपने साथ बैठाकर ट्रेनिंग दिलवाई और सेल टीम बनाने के लिए तैयार कि जाने की लिस्ट भी बनाने का तरीका भी सिखाया इसी तरीके के अनुसार उमेश कुमार चौरसिया ने अपने टीम बनाने के लिए अपने भाई साले और चाचा जी को भी बुला कर बिजनेस प्रेजेंटेशन  दिखाया। क्योंकि यह कंपनी और बिजनेस के बारे में अच्छी प्रकार से ट्रेंड हो चुके थे इसलिए उन्होंने उन लोगों द्वारा कंपनी और उसके बिजनेस के बारे में पूछे गए सभी सवालों के जब आप ठीक प्रकार से दिया।
आखिरकार वह लोग उमेश कुमार चौरसिया के गेलवे शॉप टीम का   हिस्सा बन गए उन्होंने खुद खास दोस्तों को भी बिजनेस प्रेजेंटेशन  दिखाने के लिए बुलाया था कुछ लोग आए और कुछ लोग नहीं आए जो लोग आए आज दूसरे के लिए उदाहरण बन गए हैं। और जो नहीं आए वह दूसरों को उमेश कुमार चौरसिया का उदाहरण देते हैं।
उमेश कुमार चौरसिया कहते हैं कि जिन लोगों को मेरी बात पर विश्वास नहीं हुआ और जिन्होंने मेरी डाउन लाइन गैलेवे शॉप टीम का हिस्सा स्वीकार नहीं किया उन पर मुझे कोई अफसोस नहीं है।
हमारे बिजनेस में हमे कई  तरह की ट्रेनिंग दी जाती है जिसमें एक ग्राहक को मनोदशा और औसत के नियम के बारे में समझाया जाता है। उसके अनुसार हर आदमी आपका ग्राहक नहीं बन सकता और नहीं हर आदमी उस चीज को पसंद कर सकता है। जो आपको पसंद आती है इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है मैंने भी इस प्रकार की घटनाओं से परेशान हुए बिना अपना प्रयास हमेशा जारी रखो तभी आज मैं कामयाब हूं।
  • यह एक वक्त हुआ था जब उमेश कुमार परिवार कर्ज के बोझ से दबा हुआ था। एक वक्त आज का है उमेश कुमार ने अपने गैलवे बिजनेस के आमदनी से कर्ज को चुकता कर शानदार मकान बनवाया नई गाड़ी खरीदी कई बार विदेशों की यात्राएं की। उनके जीवन में सभी परिवर्तन ली बिजनेस की देन है। पर बिजनेस में सफल होने से पहले उमेश के जीवन में कई प्रकार के भी उतार-चढ़ाव आए हैं अपने सामने आए इस प्रकार के उतार-चढ़ाव को याद करते हुए वह यह बताते हैं कि एम रॉयल डिस्ट्रीब्यूटर बनने के बाद मुझे यह लगने लगा कि मैं उस लेवल पर पहुंच गया हूं जहां मुझे कुछ करने की जरूरत नहीं है। और मेरी टीम काम करेगी और मैं पैसा कमाउंगा इस सोच की वजह से मैं अपनी टीम का फॉलोअप नहीं कर पाया और मेरी 30 लोगों की टीम टूट गई मैं उस समय बहुत परेशान हो गया था लेकिन मेरी अपलाइन ने रिंकू जी ने हौसला बढ़ाएं उन्होंने उन कारणों को ढूंढने का मेरी मदद की, जिनकी वजह से मेरी टीम काम नहीं कर पा रही थी हमने मिलकर उस समस्या का हल निकाला और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उस मुकाम पर पहुंच गया जहां पहुंचकर कोई भी गर्व कर सकता है। मेरी लाखों रुपए महीने की कमाई हो गई है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टी20 में दो विकेट से हराया, सूर्यकुमार और ईशान किशन ने लगाया अर्धशतक

Paisa कमाने के गलत तरीक़े 2023

बालासोर ट्रेन हादसा 2 जून 2023 को ओडिशा राज्य के एक प्रमुख शहर बालासोर में हुआ था।